Infertility
June 2, 20255 min read684 views

अंडकोष में दर्द क्या है इसके का कारण, लक्षण और उपचार

पुरुषों में अंडकोष में दर्द कई कारणों से हो सकता है जैसे चोट, संक्रमण या सूजन। जानें घरेलू उपचार और राहत पाने के तरीके। क्लिक करें और जानें पूरी जानकारी।

Written & Reviewed ByClinic By Choice Medical Editorial Board
Back to Blogs
अंडकोष में दर्द क्या है इसके का कारण, लक्षण और उपचार

वृषण दर्द क्या है?

वृषण दर्द व्यक्ति के एक या दोनों अंडकोषों में हो वाले दर्द और असुविधा को दर्शाते हैं। अंडकोष में दर्द, वृषण दर्द या फिर ऑर्कियलजिया के रूप में भी जाना जाता है। प्रभावित व्यक्तियों के लिए ये एक ऐसी स्थिति होती है जो उनको असुविधा और चिंता पैदा कर देती है। वृषण दर्द की तीव्रता अलग अलग होती है और ये तीव्रता समय के साथ बनी रहने और अचानक से और ज्यादा गंभीर हो सकती है। अंडकोष पुरुषों का महत्वपूर्ण प्रजनन अंग होता है। दर्द के साथ वृषण में लालिमा, गर्मी, बुखार, सूजन या वृषण के आकार में बदलाव जैसे और भी लक्षण हो सकते हैं। इस दर्द को आप एक या दोनों अंडकोष में महसूस कर सकते हैं। जब ये दर्द आपको होता है तो ऐसा नहीं है की ये आपके अंडकोष में से ही आ रहा हो, ये दर्द आपके शरीर के किसी और दूसरे भाग जैसे की कमर और पेट से भी ये आ सकता है इसको संदर्भित दर्द के नाम से जाना जाता है। हालांकि अगर अंडकोष में दर्द लगातार या एक घंटे से ज्यादा समय तक रहता है तो आपको  इसका ध्यान रखना बहुत महत्वपूर्ण है अगर ऐसा होता है तो आप वृषण दर्द के उचित निदान और इलाज़ के लिए इसके विशेष्ज्ञो के पास जाएं और अपना इलाज करवाएं। 

अंडकोष में दर्द के कारण

1. वृषण मरोड़

वृषण मरोड़ एक मेडिकल इमरजेंसी है यह तब होती है जब शुक्राणु कॉर्ड मुड़ जाता है, जिसमें रक्त की आपूर्ति बंद हो जाती है। ऐसी गंभीर स्थिति में असहनीय दर्द भी हो सकता है और वृषण के नुकसान को रोकने के लिए तुरंत डॉक्टरी इलाज की आवश्यकता होती है।

2. गुर्दे की पथरी :

गुर्दे की पथरी एक पत्थर की तरह होती है, जो की कठोर खनिज जमा होती है। जब पथरी मूत्र पथ से नीचे चली जाती है और मूत्रवाहिनी में फंस जाती है तो वे कमर और वृषण क्षेत्र में दर्द का कारण बनती है जिससे कि अंडकोष में असहनीय दर्द हो सकता है। 

3. वंक्षण हर्निया

वंक्षण हर्निया तब होता है जब आंत या पेट के ऊतकों का एक हिस्सा वंक्षण नलिका  से बाहर निकल जाता है। ये अंडकोष में दर्द का कारण बनता है। ये दर्द खास करके उन गतिविधियों के दौरान होता है जो पेट के अंदर के दबाव को बढ़ाती हैं, जैसे की तनाव लेना और भारी सामान को उठाना। 

4. वृषण आघात 

वृषण में दर्द और सूजन के कारण हो सकते हैं जैसे कि अंडकोष में चोट का लगना, सीधा चोट लगना और कोई दुर्घटना का शिकार हो जाना। 

5. वैरीकोसेल

अंडकोष के अंदर वैरिकाज़ नसों के समान बढ़ी हुई नसें होती हैं। इससे अंडकोष में खिंचाव और असुविधा भी हो महसूस हो सकती है। 

6. हाइड्रोसील

ये एक तरीके के तरल पदार्थ से भरी हुई एक थैली होती है, और ये अंडकोष के चारों तरफ बन जाती है जो कि अंडकोष के दर्द और सूजन का कारण बनती है। 

अंडकोष में दर्द के लक्षण

  • दोनों या एक ही में तेज या हल्के दर्द का महसूस होना। 
  • अंडकोष में सूजन या वृद्धि होना। 
  • अंडकोष में लालिमा और सूजन होना 
  • (संक्रमण के मामले में )ठंड या बुखार होना 
  • गंभीर मामलों में मतली या उल्टी होना 
  • पेशाब में खून (हेमाट्यूरिया)
  • बार बार पेशाब का आना या फिर पेशाब करते वक्त परेशानी होना 
  • एक गांठ का अंडकोष में या द्रव्यमान

अंडकोष में दर्द से राहत के लिए घरेलू उपचार

1.आराम और ऊंचाई : 

अंडकोष को आराम देने और सहायक तकिये के साथ ऊपर उठाने से सूजन और असुविधा को कम किया जा सकता है।  

2.बर्फ की पट्टियाँ लगाना :

ऐसे मामलों में ज्यादातर अंडकोष पर ठंडी पट्टियां या फिर बर्फ की पत्तियों को लगाने से अंडकोष की सूजन और दर्द को सुन्न करने और कम करने में मदद मिलती है। खास तौर पर तीव्र आघात या सूजन के मामलों में राहत मिलती है। 

3.सहायक अंडरवियर : 

सहायक, सपोर्टिव और आरामदायक या फिर अंडकोषीय सपोर्ट पहनने से बड़ा आराम मिल सकता है और हल्का दबाव भी मिल सकता है। इससे होने वाली असुविधा कम हो सकती है और खास तोर पर शारीरिक गतिविधि के दौरान।

4.स्वच्छता : 

जननांगों की अच्छे तरीके से सफाई रखें और किसी भी तरीके से संक्रमण होने से बचाएं ये उपचार को बढ़ावा देने में मदद कर सकता है।

5.दर्द प्रबंधन :

दर्द को कंट्रोल करने के लिए ओवर-द-काउंटर दर्द निवारक दवाओं का इस्तेमाल करें जैसे की इबुप्रोफेन या एसिटामिनोफेन जैसी नॉनस्टेरॉइडल एंटी-इंफ्लेमेटरी दवाएं (एनएसएआईडी) ये दवाएं अंडकोष की सूजन को कम करती हैं और दर्द से राहत देते हैं।  इन दवाइयों का इस्तेमाल करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह करें और उसकी  सिफारिशों का पालन करें। 

6.हाइड्रेट रहना : 

अगर हम अपने शरीर को हाइड्रेट रखते हैं तो हम कोई भी संक्रमण पैदा करने वाले बैक्टीरिया को हम अपने शरीर से बाहर निकल सकते हैं किसी भी बीमारी से बच सकते हैं और इससे वृषण स्वास्थ्य को बढ़ावा मिल सकता है।

7. ट्रिगर करने वाले कारकों से बचना

वह ट्रिगर जो आपके दर्द की समस्या को बढ़ाते या फिर पैदा करते हैं,  कोई भी गतिविधि जैसे कि साइकिल को चलाना या फिर लंबे समय तक बैठे रहना आदि दर्द के कम होने तक इन चीजों से ज्यादातर बचना चाहिए। 

निष्कर्ष :

व्यक्ति के अंडकोष में होने वाला दर्द असहनीय होता है ये अचानक से गंभीर और काफी वक्त तक रह सकता है। इसके लक्ष्णों कि पहचान करके इसको तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए और कुछ घरेलू उपचारों से भी इसको ठीक और दर्द को राहत मिल सकती है अगर आप भी ऐसी ही किसी गंभीर समस्या के शिकार हैं इस समस्या के बारेमें जानना चाहते हैं तो आप आज ही क्लिनिक बाय चॉइस में जाकर अपनी अपॉइंटमेंट को बुक करें और आप इसके विशषज्ञों से बात कर सकते हो और अपना इलाज़ करवा सकते हो।

 

Tags:#Infertility
Medical Information Disclaimer

This article is intended solely for educational and informational purposes and does not constitute medical advice or diagnosis. Always consult with a qualified specialist doctor before making any healthcare decisions.

Consult with Top Medical Specialists

Get expert guidance and treatment estimates from verified NABH-accredited hospitals.

Request Callback