आपको बता दें, कि भारत के सबसे बड़े और सबसे ज्यादा विश्वसनीय स्वास्थ्य सेवा प्लेटफ़ॉर्म, क्लिनिक बॉय चॉइस ने दुनिया भर में, मधुमेह जैसी गंभीर समस्या की देखभाल के रुझानों के बारे में लोगों को एक नई जानकारी प्रदान की है।
आम तौर पर, मधुमेह जैसी गंभीर समस्या के ऊपर यह महत्वपूर्ण जानकारी एक उभरते हुए पैटर्न को उजागर करने में काफी ज्यादा सहायता प्रदान करती है। आपको बता दें, कि मिलेनियल्स, विशेष रूप से, जो 25 से 34 साल की उम्र वाले लोग हैं, दरअसल, वह मधुमेह के लिए सलाह की मांग करने वाले एक प्रमुख आयु वर्ग हैं, जो आम तौर पर, 2025 में सभी मुलाकातों में, आधे से भी कई ज्यादा का योगदान प्रदान करते हैं। आपको बता दें कि यह योगदान पिछले सालों की तुलना में एक बहुत ही महत्वपूर्ण योगदान को दर्शाता है।
इस तरह की कई समस्याएं हैं, जिनका सामना लोग लंबे समय से कर रहे हैं। आम तौर पर, आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि भारत में एक अंदाजे से लगभग 7.7 करोड़ वयस्क मधुमेह जैसी गंभीर समस्या से लड़ रहे हैं और इसके साथ ही 2.5 करोड़ अन्य जोखिम (प्री-डायबिटीज़) जैसी समस्या का सामना कर रहे हैं। असल में, इसलिए इस गंभीर समस्या को जल्द से जल्द पहचान करना और कंट्रोल करना पहले से कहीं ज़्यादा ज़रूरी है। आपको बता दें, कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, 50 प्रतिशत से भी ज्यादा लोग अपनी मधुमेह जैसी गंभीर समस्या की स्थिति से बिलकुल ही अनजान हैं। आम तौर पर, जिसमें एक व्यक्ति द्वारा समय पर इलाज न करवाने पर, उसको कई गंभीर जटिलताओं का सामना करना पड़ सकता है।
अलग-अलग शहरों में डायबिटीज काउंसलिंग के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी
1. नेशनल काउंसलिंग में आगे रहने वाले शहर: बता दें, कि इन शहरों में, दिल्ली और बैंगलोर डायबिटीज काउंसलिंग में सबसे ज्यादा आगे पाए गए हैं:
1. दिल्ली : 34%
2. बैंगलोर : 31%
3. हैदराबाद : 16%
4. मुंबई : 13%
5. चेन्नई और पुणे : 3%
दरअसल, यह शहर विशेष रूप से युवा वयस्कों में, मधुमेह प्रबंधन के बारे में बढ़ती जागरूकता को दिखाते हैं। आम तौर पर, इन महानगरों में, 25 से 34 साल का उम्र वर्ग सबसे ज्यादा एक्टिव है, जो असल में, युवा भारतीयों में सेहत से जुड़ी जिम्मेदारी में बदलाव को दिखाता है।
2. शहरों में हेल्थ के प्रति बढ़ती जागरूकता : दरअसल, भारत के इन शहरों में मधुमेह जैसी समस्या की देखभाल की मांग में लगातार, वृद्धि को देखा जा रहा है, जिस के प्रमुख कारणों में शामिल हैं, जैसे कि
1. कोलकाता : 29%
2. विशाखापत्तनम : 19%
3. जयपुर : 15%
4. भुवनेश्वर : 12%
5. अहमदाबाद : 9%
6. गाजियाबाद : 8%
7. लखनऊ : 5%
8. चंडीगढ़ : 3%
आम तौर पर, ये नतीजे महानगरों में, पुरे डायबिटीज मैनेजमेंट को लेकर बढ़ती जागरूकता की तरफ इशारा करते हैं, दरअसल, जहां छोटे शहरों में ज्यादा लोग स्वास्थ्य जांच और परामर्श को काफी ज्यादा प्राथमिकता दे रहे हैं।
डायबिटीज काउंसलिंग में उम्र के हिसाब से पैटर्न
शहरों में, डेटा निम्नलिखित आयु समूह रुझानों को प्रदान करता है, जैसे कि
1. चेन्नई : चेन्नई में, 25 से 34 उम्र के व्यक्तियों की परामर्शों में सबसे ज़्यादा हिस्सेदारी 58% है और इसके बाद 35 से 44 उम्र के व्यक्तियों की हिस्सेदारी 21% तक है।
2. बैंगलोर : दरअसल, बैंगलोर में 25 से 34 साल के लोगों के परामर्श 50 प्रतिशत है, जबकि 35 से 44 साल के लोगों के परामर्श का प्रतिशत केवल 36 प्रतिशत है।
3. दिल्ली : आम तौर पर, दिल्ली में, 25 से 34 वर्ष आयु-वर्ग के लोग 41% परामर्श के साथ सबसे आगे हैं, और उसके बाद, 35 से 44 वर्ष आयु-वर्ग के लोग 35% परामर्श के साथ दूसरे स्थान पर आते हैं।
4. हैदराबाद : 25 से 34 आयु वर्ग के लोगों का परामर्श 45% है, जिसमें 35 से 44 आयु वर्ग के लोगों का योगदान 40% तक है।
निष्कर्ष
डॉक्टर के अनुसार, मिलेनियल्स, विशेष रूप से, जो 25 से 34 साल की उम्र वाले लोग हैं, जो मधुमेह के लिए सलाह की मांग करने वाले एक प्रमुख आयु वर्ग हैं। मधुमेह के ऊपर यह महत्वपूर्ण जानकारी एक उभरते हुए पैटर्न को उजागर करने करती है। अगर आप भी अपनी किसी भी सेहत समस्या के लिए किसी बढ़िया डॉक्टर कि तलाश कर रहे हैं, तो आप आज ही क्लिनिक बॉय चॉइस में जाकर अपनी अपॉइटमेंट को बुक करवा सकते हैं और इसके बारे में जाकरी प्राप्त कर सकते हैं।