दरअसल कई महिलाएं समय से पहले गर्भधारण करने से अपना बचाव करने के लिए गर्भनिरोधक गोलियों को लेती हैं। हालांकि आपको बता दें कि गर्भ निरोधक गोलियां लेने के कई और फायदे भी होते हैं, जैसे कि मासिक धर्म चक्र को नियमित करते हैं, होने वाली हैवी ब्लीडिंग को कम करते हैं, पीरियड्स के समय होने वाले दर्द से छुटकारा दिलाते हैं, और इसके साथ ही कई तरह के कैंसर के खतरे को भी कम करने में मदद करते हैं। आपको बता दें कि एक यही वजह है, कि ज्यादातर महिलाएं कंडोम का इस्तेमाल करने की बजाए गर्भ निरोधक गोलियों को लेना ज्यादा पसंद करती हैं। आमतौर पर कंसीव करने से अपना बचाव करने के लिए महिलाओं को गर्भ निरोधक गोलियों को नियमित रूप से लेना पड़ता है। बता दें कि यहां पर एक सवाल जो महिलाओं को काफी ज्यादा परेशान करता है, की गर्भ निरोधक गोलियों को लेने के कितने समय बाद सेक्स किया जाना सुरक्षित होता है? तो आइये इस लेख के माध्यम से इसके डॉक्टर से इसके बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त करते हैं।
गर्भ निरोधक गोलियां लेने के कितनी देर बाद संभोग किया जाना सुरक्षित होता है?
इस पर डॉक्टर का कहना है, कि गर्भधारण से बचने के लिए महिलाओं को किसी भी तरह कि गर्भ निरोधक गोलियों को लगातार 7 दिनों तक लेना पड़ता है। बता दें कि अगर आप अपने मासिक धर्म के शुरुआती पहले पांच दिनों के भीतर ही इस गोली को लेना शुरू कर देते हैं, तो समय से पहले गर्भधारण से जल्दी बचा जा सकता है। डॉक्टर के अनुसार, इस जानकारी को प्राप्त करने के बावजूद हर महिला को गर्भ निरोधक गोलियों को नियमित रूप से लेने से पहले एक बार अपने डॉक्टर या फिर गायनोकॉलोजिस्ट से जरूर इसके बारे में सलाह करनी चाहिए। क्योंकि डॉक्टरों का मानना है, कि किसी भी तरह की दवा की शुरुआत करने से पहले ज्यादा जरूरी है, कि महिला की मेडिकल कंडीशन के बारे में सभी जरूरी जानकारी उसके डॉक्टर को पता हो। दरअसल इसके बाद ही यह फैसला किया जा सकता है, कि महिलाओं को गर्भ निरोधक गोलियां लेने के कितने समय बाद यौन संबंध बनाना चाहिए।
गर्भ निरोधक गोलियों का महिला की सेक्सुअल लाइफ पर क्या असर पड़ता है?
बता दें कि गर्भ निरोधक गोलियां आमतौर पर महिलाओं की सेक्सुअल लाइफ को कई तरीकों से प्रभावित कर सकता है। आइये इस के माध्यम से इसके बारे में विस्तार से जानते हैं,
1. लिबिडो में कमी
आपको बता दें कि गर्भ निरोधक गोलियां लेने की वजह से कुछ महिलाओं में यौन इच्छा की कमी हो जाती है। आमतौर पर ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि गर्भ निरोधक गोलियां का सेवन करने की वजह से ज्यादातर महिलाओं के शरीर में हार्मोनल बदलाव होते हैं, जिसकी वजह से उनके लिबिडो के स्तर में कमी आ जाती है।
2. वजाइनल ड्राइनेस
आमतौर पर नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ के अनुसार गर्भ निरोधक गोलियों को लेने की वजह से महिलाओं में वजाइनल ड्राइनेस यानि की योनि में सूखापन की समस्या हो जाती है। इस तरह की स्थिति में उन महिलाओं के लिए यौन संबंध बनाना काफी ज्यादा दर्द भरा हो जाता है। दरअसल हमने पहले भी इसका जिक्र किया है कि महिलाओं में हार्मोनल बदलाव की वजह से एस्ट्रोजन का स्तर बहुत कम हो जाता है। इस लिए उनको वजाइनल ड्राइनेस (योनि में सूखापन) की परेशानी का सामना करना पड़ता है।
3. हार्मोनल साइड इफेक्ट्स
आपको बता दें कि गर्भ निरोधक गोलियां लेने की वजह से कई महिअलों में मूड स्विंग, चिड़चिड़ापन या डिप्रेशन जैसी समस्याएं हो जाती हैं, जो यौन जीवन को काफी ज्यादा प्रभावित कर सकती हैं।
4. वजन बढ़ना और शारीरिक बदलाव
दरअसल इन गोलिओं के सेवन से महिलाओं के आत्मविश्वास पर काफी ज्यादा प्रभाव पड़ता है, जो अप्रत्यक्ष रूप से यौन जीवन को प्रभावित करता है।
5. हार्मोन पर निर्भरता
आपको बता दें कि महिला के शरीर को गोली के अनुकूल होने में काफी समय लगता है। इसलिए शुरुआत में महिलाओं का यौन जीवन प्रभावित हो सकता है।
निष्कर्ष
कई महिलाएं समय से पहले गर्भधारण करने से बचने के लिए गर्भ निरोधक गोलियां लेती हैं। हर महिला पर गर्भ निरोधक गोलियों का असर अलग-अलग होता है। यह गोलियां कुछ महिलाओं के यौन जीवन को आसान और सुखद बना देती हैं, जबकि कुछ महिलाओं को इस में असुविधा महसूस हो सकती है। इससे महिलाओं को कई तरह के लाभ मिलते हैं, जैसे कि मासिक धर्म चक्र को नियमित करना, भारी रक्तस्राव को कम करना, मासिक धर्म के दर्द से राहत और कई प्रकार के कैंसर के खतरे को कम करने में मदद करना। इसके साथ ही गर्भ निरोधक गोलियों से महिलाओं की सेक्सुअल लाइफ पर काफी असर पड़ता हैं, इसके कारण कुछ महिलाओं को यौन इच्छा की कमी, योनि में सूखापन की समस्या, हार्मोनल साइड इफेक्ट्स, वजन बढ़ना और हार्मोन के आधार पर शरीर में परिवर्तन आदि समस्याएं उत्पन्न हो जाती हैं। कुल मिलाकर, कहने की बात ये है, कि महिलाओं को डॉक्टर की सलाह पर ही गर्भ निरोधक गोलियों को लेना चाहिए। इसके साथ ही महिलाएं अपने यौन संबंध कब सामान्य तौर पर शुरू कर सकती हैं, इसके बारे में भी उनको अपने विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए। क्योंकि कई बार गलत समय पर यौन संबंध बनाने की वजह से कंसीव करने का डर बना रहता है। इसलिए गोली शुरू करने से पहले एक बार अपने डॉक्टर से सलाह लेना बहुत जरूरी है, ताकि सही विकल्प चुना जा सके। अगर आपको भी इसके बारे में ज्यादा जानकारी प्राप्त करनी है। और गर्भ निरोधक गोलियों को लेने से पहले विशेषज्ञों से इसके बारे में जानना चाहती हैं, तो आप आज ही क्लीनिक बाय चॉइस में जाकर अपनी अपॉइंटमेंट को बुक करवा सकते हैं और इसके विशेषज्ञों से इसके बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न 1. गर्भ निरोधक गोलियां कब काम करना शुरू करती है?
आपको बता दें कि गर्भ निरोधक गोलियां केवल 7 दिनों के अंदर ही प्रभावी तरीके से काम करना शुरू कर देती हैं। लेकिन अगर आप गर्भ निरोधक गोलियों को लेते हैं, तो आमतौर पर यह गोलियां महज 72 घंटे के अंदर ही काम करना शुरू कर देती हैं। दरअसल गर्भावस्था को रोकने के लिए 28-दिन की गर्भनिरोधक गोली को लेना जारी रखना बहुत जरूरी होता है। आपको बता दें कि जैसे ही आप गर्भ धारण करने की योजना को बनाए, तो उस दौरान इन गोलियों को लेना बंद कर दें।
प्रश्न 2. अपनी गर्भावस्था से बचने के लिए मुझे गोली कब लेनी चाहिए?
आमतौर पर अपनी गर्भावस्था से बचने के लिए दरअसल आप कंडोम का इस्तेमाल कर सकते हैं। दरअसल अगर महिलाएं यौन संबंध बनाने के लिए कंडोम का इस्तेमाल नहीं करती हैं, तो आमतौर पर वह उस वक्त गर्भ निरोधक गोलियां ले सकती हैं। आपको बता दें कि इमरजेंसी गोलियों को 72 घंटे के अंदर लेना चाहिए।
प्रश्न 3. गर्भ न ठहरे इसके लिए क्या करना चाहिए?
आपको बता दें कि गर्भ न ठहरे इसके लिए आपको सुरक्षित यौन संबंध स्थापित करना चाहिए। इसके लिए, आमतौर पर कंडोम, गर्भ निरोधक गोलियां आदि को ले सकते हैं। दरअसल इस दौरान महिलाएं कॉपर-टी भी लगवा सकती हैं और पुरुष इस दौरान नसबंदी करवा सकते हैं।