आखिर किस तरह शहर का बढ़ता शोर और गलत लाइफस्टाइल बढ़ा रहे हैं हाइपरटेंशन और हार्ट डिजीज के खतरे को? डॉक्टर से जानें इसके बारे में!

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    आखिर किस तरह शहर का बढ़ता शोर और गलत लाइफस्टाइल बढ़ा रहे हैं हाइपरटेंशन और हार्ट डिजीज के खतरे को? डॉक्टर से जानें इसके बारे में!

    आज के समय में लोग काम के चलते अपने ऊपर कम और अपने काम के ऊपर अधिक से अधिक समय खर्च करते हैं और इस दौरान अपनी सेहत का ख्याल रखने की जगह अपने काम का ही ख्याल अपने मन और दिमाग में रखते हैं। चूँकि सेहत सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण होती है, पर फिर भी लोग अपने आप को भूल जाते हैं और काम पर महत्वपूर्ण ध्यान देना अति आवश्यक समझते हैं। इसी बीच वह अपनी सेहत को बुरी तरीके से प्रभावित करके रख लेते हैं। दरअसल, आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि हर काम को करने के लिए व्यक्ति का मानसिक और शारीरिक रूप से सेहतमंद होना बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। काम के चलते हम अपनी सेहत को इतना ज्यादा प्रभावित कर लेते हैं, कि हम मानसिक तनाव से पीड़ित हो जाते हैं और हमें इसके बारे में पता भी नहीं चलता है, कि इस काम के बीच हम अपनी मेंटल हेल्थ को कितना ज्यादा प्रभावित कर रहे हैं। 

    आम तौर पर, जैसा कि आपको इसके बारे में हम ने पहले ही बताया है, कि लोग अपनी जिंदगी में इतने ज्यादा व्यस्त रहने लग गए हैं, कि वह अपनी सेहत का अच्छे तरीके से ख्याल बिल्कुल भी नहीं रख पाते हैं। यहां तक कि शहर के बढ़ते शोर और अपने जीवन में कई इस तरह की गलत आदतों को अपनाने के कारण लोग अपने शरीर को एक सेहतमंद और पोषण से भरपूर भोजन नहीं दे पाते हैं। इसी के चलते लोगों का शरीर काफी ज्यादा कमजोर हो जाता है और वह किसी वह किसी भी तरह की बीमारी से प्रभावित हो जाता है। ऐसे में, लोगों को सबसे ज्यादा तनाव प्रभावित करता है, जो ज्यादा सोचने या फिर सोचते रहने से उत्पन्न होता है। आम तौर पर, एक व्यक्ति की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव उस की दिनचर्या का एक बहुत ही महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। इसका सबसे बड़ा कारण शहर का बढ़ता हुआ शोर है। जी हां, रोजाना के शोर से भरा शहरी जीवन हमारी मानसिक सेहत को काफी ज्यादा

    प्रभावित करके रख देता है, जिसके कारण हम किसी भी बात को शांति से नहीं सोच पाते हैं, हमारे दिमाग में कोई न कोई समस्या या फिर दिक्कत बनी ही रहती है और वह है, हर बात को सोचना और तनाव लेना। ऐसे में, यह तनाव काम के दबाव को

    लेकर, आर्थिक चिंता को लेकर या फिर पारिवारिक जिम्मेदारियों को लेकर भी हो सकता है। 

    तनाव एक आम समस्या है, जो लोगों को किसी भी वक्त प्रभावित कर सकता है। इस तरह की स्थिति में लगातार रहने वाला तनाव न केवल व्यक्ति की मानसिक सेहत को प्रभावित करता है, बल्कि दिल की सेहत को भी बुरी तरीके से प्रभावित करके रख देता है। पर, ऐसे में बहुत से लोग यह जानना चाहते हैं, कि आखिर किस तरह शहर का बढ़ता शोर और गलत लाइफस्टाइल हाइपरटेंशन और हार्ट डिजीज के खतरे को काफी ज्यादा बड़ा रहे हैं? दरअसल, डॉक्टर के अनुसार यह बिल्कुल सही है, कि एक गलत जीवनशैली और शहर में बढ़ते शोर के कारण लोगों को हाइपरटेंशन और हार्ट डिजीज की समस्याओं का काफी ज्यादा सामना करना पड़ रहा है। ऐसा, इसलिए है, क्योंकि शहर का बढ़ता हुआ शोर और गलत जीवनशैली सीधे तौर पर क्रॉनिक स्ट्रेस, हार्मोनल असंतुलन और धमनियों में सिकुड़न पैदा कर देते है, जिसके कारण हाइपरटेंशन और हार्ट डिजीज जैसी समस्याओं का खतरा काफी ज्यादा बढ़ जाता है। 

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    दरअसल, आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि शहर के शोर के कारण और जीवन में गलत आदतों को अपनाने के कारण लोगों को ज्यादातर तनाव जैसी समस्या का सामना करना पड़ता है और डॉक्टर के अनुसार, तनाव हाई ब्लड प्रेशर और दिल से जुड़ी बिमारियों का मुख्य कारणों में से एक माना जाता है। ऐसे में अगर आप तनाव जैसी समस्या को नजरअंदाज करने की कोशिश कर रहे हैं, तो बिल्कुल न करें, क्योंकि यह आगे चलकर सेहत के लिए काफी ज्यादा नुकसानदायक साबित हो सकता है। यह हाइपरटेंशन और दिल से जुड़ी बीमारियों को खतरे में डाल सकता है। समस्या बढ़ने पर आप अपने डॉक्टर से तुरंत संपर्क कर सकते हैं। आइये इस लेख के माध्यम से इसके बारे में इस के डॉक्टर से और विस्तार से जानकारी प्राप्त करते हैं। 

    क्या तनाव दिल से जुड़ी बिमारियों का कारण बनता है? 

    दरअसल, डॉक्टर के अनुसार तनाव एक आम समस्या है, जो बदलते लाइफस्टाइल और शहर के शोर के कारण व्यक्ति में देखने को मिल सकती है। काफी ज्यादा तनाव लेना सेहत के लिए काफी ज्यादा हानिकारक साबित हो सकता है। इसके कारण न केवल लोगों को दिल से जुड़ी बिमारियों का सामना करना पड़ता है, बल्कि इसके

    कारण लोगों को हाई ब्लड प्रेशर जैसी समस्या का भी सामना करना पड़ता है। आम तौर पर, इसके पीछे का सबसे बड़ा कारण यह है, कि जब कोई व्यक्ति तनाव की स्थिति में होता है, तो ऐसे में उस व्यक्ति के शरीर में कुछ हार्मोन निकलते हैं, जिनको केमिकल्स भी कहा जाता है। यह न केवल दिल की धड़कन को बढ़ाते हैं, बल्कि ब्लड प्रेशर को भी बढ़ावा देते हैं। 

    ब्लड प्रेशर को साइलेंट किलर क्यों कहा जाता है? 

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    डॉक्टर के अनुसार, तनाव की स्थिति में निकलने वाले हार्मोन को स्ट्रेस हार्मोन के नाम से जाना जाता है। शुरुआत में इन हार्मोन का प्रभाव कुछ वक्त तक के लिए होता है, पर जब तनाव लगातार और तेजी से बढ़ता जाता है, तो इन हार्मोन का प्रभाव लंबे समय तक हमारी जिंदगी में रुक जाता है। जिसके चलते लोगों को हाई ब्लड प्रेशर की समस्या का भी सामना करना पड़ सकता है। हाई ब्लड प्रेशर एक साइलेंट किलर होता है, जो एक दम नहीं, बल्कि धीरे-धीरे सेहत को प्रभावित करता है। 

    निष्कर्ष: शहर का बढ़ता हुआ शोर और गलत जीवनशैली की आदतों के कारण लोगों को तनाव जैसी समस्या का काफी ज्यादा सामना करना पड़ता है और इस दौरान होने वाले तनाव के कारण लोगों में हाइपरटेंशन और हार्ट डिजीज जैसी समस्याओं का खतरा भी काफी ज्यादा बढ़ जाता है। इससे यह साफ़ होता है, कि शहर के बढ़ते शोर और गलत लाइफस्टाइल से इन बिमारियों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में, तनाव को हल्के में लेना आपकी सबसे बड़ी गलती साबित हो सकती है। क्योंकि, इससे शरीर से जुड़ी बिमारियों का खतरा काफी ज्यादा बढ़ सकता है। इसलिए, काम के दौरान शारीरिक सेहत को ध्यान में रखने के साथ -साथ मानसिक सेहत को भी ध्यान में रखना काफी ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में, आपको नियमित अपने बीपी की जांच और जरूरत पड़ने पर सही इलाज से इन गंभीर बीमारियों से छुटकारा पा सकते हैं। इसके बारे में ज्यादा जानकारी प्राप्त करने के लिए और दिल या फिर हाई ब्लड प्रेशर से जुड़ी किसी भी समस्या का तुरंत समाधान पाने के लिए आप आज ही क्लीनिक बाय चॉइस में जाकर इसके विशेषज्ञों से इसके बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त करते हैं। 

    अक्सर पूछे जाने वाले सवाल!

    प्रश्न 1. शहर के बढ़ते प्रदूषण के कारण लोगों को किन-किन समस्याओं का सामना करना पड़ता है? 

    आम तौर पर, शहर में बढ़ रहे प्र्दूष के कारण लोगों को एक नहीं, बल्कि कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है, जिसमें विशेष तौर पर सांस लेने में दिक्क्त महसूस होना, अस्थमा की बीमारी होना, फेफड़ों से जुडी से जुडी समस्यायों का होना, मानसिक तनाव का होना और नींद न आने जैसी कई तरह की गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ता है।

    प्रश्न 2. गलत लाइफस्टाइल अपनाने के कारण लोगों को कौन सी समस्याओं का अधिक सामना करना पड़ सकता है?

    दरअसल, एक अच्छी और सेहतमंद जीवनशैली जीने के लिए एक सेहतमंद खाना और एक अच्छे लाइफस्टाइल की काफी ज्यादा जरूरत होती है। आम तौर पर, अगर यही चीजें आपकी ठीक नहीं होंगी, तो आपको शरीर से जुड़ी कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है, जिसमें मोटापा, होना, दिल से जुडी बिमारियों का परेशान करना, टाइप-2 मधुमेह की समस्या होना, हाई ब्लड प्रेशर की समस्या होना और साथ में मानसिक तनाव की समस्या होना जैसी कई बिमारियों का सामना करना पड़ सकता है। 

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    प्रश्न 3. हाई ब्लड प्रेशर की समस्या किन कारणों की वजह से होती है?

    आम तौर पर, हाई ब्लड प्रेशर की समस्या एक नहीं, बल्कि कई कारणों की वजह से आपको परेशान कर सकती है, जिसमें विशेष तौर पर व्यक्ति की खराब जीवनशैली में अपनाई जाने वाली गलत आदतें, गैर सेहतमंद खानपान का सेवन करना और अनुवांशिक कारण शामिल हो सकते हैं। 

    प्रश्न 4. जीवन में स्वस्थ रहने के लिए किन उपायों को अपनाना फायदेमंद हो सकता है? 

    दरअसल आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि यदि आप अपने जीवन में सभी समस्याओं से दूर रहना चाहते हैं और एक स्वस्थ जीवन जीना चाहते हैं, तो इसके लिए आपको संतुलित आहार का सेवन करना, नियमित शारीरिक गतिविधियों को करना, रोजाना पर्याप्त मात्रा में नींद लेना और तनाव मुक्त रहना जैसे कई उपायों को अपनाना आपके लिए काफी ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकता है। 

    प्रश्न 5. दिल से जुड़ी बीमारियों के क्या-क्या कारण हो सकते हैं?

    दरअसल, अपने दिल को हर कीमत पर सुरक्षित और समस्या से दूर रखना बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। आम तौर पर, दिल से जुड़ी बीमारियों के पीछे कई कारण जिम्मेदार हो सकते हैं, जिसमें विशेष तौर पर शामिल है, खराब जीवनशैली, फिजिकल इन -एक्टिविटी और गैर- सेहतमंद खानपान का सेवन करना। आम तौर पर, दिल से जुड़ी बीमारियों के जोखिम कारकों में हाई ब्लड प्रेशर, हाई कोलेस्ट्रॉल, बेकाबू डायबिटीज और धूम्रपान का सेवन करना जैसी कई कारक शामिल हैं। 

    प्रश्न 6. एक सेहतमंद दिल की पहचान किस तरह की जा सकती है?

    एक अच्छा और सेहतमंद जीवन जीने के लिए दिल और दिमाग दोनों का स्वस्थ होना बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। आम तौर पर, एक व्यक्ति के सेहतमंद दिल की पहचान इस बात से की जा सकती है, कि जब वह व्यक्ति अपने रोजाना के कामों को जैसे चलना, सीढ़ियों से चढ़ना- उतरना और भागना जैसे कामों को आसानी से कर पाए। इस दौरान उस व्यक्ति को ज्यादा थकान या फिर सांस लेने में किसी भी तरह की कोई समस्या न आए, आराम के दौरान दिल की धड़कनें एक जैसी हो, ब्लड प्रेशर नॉर्मल हो और एनर्जी का लेवल काफी बेहतर हो तो ऐसे में आपको समझ जाना चाहिए, कि आपका दिल सेहतमंद है।